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तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: विजय को राज्यपाल से दूसरी मुलाकात के बाद भी नहीं मिला निमंत्रण

तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: विजय को राज्यपाल से दूसरी मुलाकात के बाद भी नहीं मिला निमंत्रण मई, 27 2026

तमिलनाडु की राजनीति में अभी भी एक अनकही कहानी बची है। वी, प्रमुख of तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन राजेन्द्र अर्जुन सिंह अरलेकर, राज्यपाल of तमिलनाडु ने उन्हें औपचारिक निमंत्रण देने से इनकार कर दिया। कारण? साधारण गणित। विजय के पास बहुमत के लिए आवश्यक 118 वीधायकों में से केवल 116 का समर्थन पत्र था। यह अंतर छोटा लग सकता है, लेकिन संवैधानिक रूप से यह एक दीवार जैसा है।

234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार चलाने के लिए 'जादुई संख्या' 118 है। TVK ने 108 सीटें जीतीं, जो सबसे बड़ी एकल पार्टी होने का प्रमाण है। लेकिन यहाँ एक मोड़ आता है। विजय स्वयं दो सीटों से जीते हैं, इसलिए उन्हें एक छोड़नी होगी। इससे उनकी प्रभावी संख्या 107 हो जाती है। उपचुनाव तक कुल सदस्य संख्या 233 मानी जाएगी, जिससे बहुमत की सीमा घटकर 117 हो सकती है, फिर भी उन्हें कम से कम 10 अतिरिक्त वीधायकों की जरूरत है।

राजनीतिक समीकरण और सहयोगियों की भूमिका

यहाँ चीजें दिलचस्प हो जाती हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने DMK गठबंधन से दूरी बनाते हुए TVK को समर्थन देने का फैसला किया। उनके 5 वीधायकों के साथ, विजय की घोषित तादाद 112 तक पहुंच गई थी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने स्पष्ट संकेत दिए कि वे TVK सरकार का समर्थन नहीं करेंगे और DMK गठबंधन के साथ रहेंगे।

बुधवार शाम, चेंनाई के राजभवन में पहली मुलाकात हुई। विजय ने 112 वीधायकों के समर्थन पत्र सौंपे। राज्यपाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 118 वीधायकों के स्पष्ट समर्थन के बिना निमंत्रण संभव नहीं है। उन्होंने कानूनी राय लेने की भी बात की, जो संवैधानिक सावधानी का संकेत था।

दूसरी मुलाकात और बाकी रह गए दो वीधायक

शनिवार को दूसरी मुलाकात हुई। इस बार विजय के पास 116 वीधायकों का समर्थन था—107 TVK, 5 कांग्रेस और 4 वामपंथी दलों के। यह संख्या अभी भी 118 से दो कम है। रिपोर्ट्स के अनुसार, VCK (वीसीके) के दो वीधायकों के समर्थन पत्र आने की उम्मीद थी, लेकिन वे औपचारिक रूप से प्राप्त नहीं हुए थे। AIADMK ने तो बिल्कुल ही समर्थन से इनकार कर दिया है।

विजय ने राज्यपाल से कहा कि कुछ और पार्टियाँ उन्हें समर्थन देंगी और वे जल्द ही बहुमत तक पहुँच जाएंगे। लेकिन उस क्षण, कागज़ात पर, संख्या अपूर्ण थी। राज्यपाल ने वही रुख दोहराया: 118 के बिना, कोई निमंत्रण नहीं।

शपथ ग्रहण कार्यक्रम क्यों टला?

शपथ ग्रहण कार्यक्रम क्यों टला?

TVK ने नेहरू स्टेडियम, चेन्नई में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी शुरू कर दी थी। खबरें थीं कि विजय उसी दिन मुख्यमंत्री बन सकते हैं। लेकिन जब राज्यपाल द्वारा औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला, तो यह कार्यक्रम टाल दिया गया। यह एक ऐसा क्षण था जहाँ उत्साह और वास्तविकता टकराए।

तुलना के लिए, उसी दिन पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण हो रहा था। तमिलनाडु में हालात अलग थे—बहुमत की कमी और समर्थन जुटाने की जटिलताओं ने प्रक्रिया को लंबा खींच लिया।

युवा मतदाताओं का असर और भविष्य की दिशा

युवा मतदाताओं का असर और भविष्य की दिशा

Axis My India के एग्जिट पोल ने TVK को 98-120 सीटों का अनुमान लगाया था। डेटा दिखाता है कि पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं में 68% ने TVK को वोट दिया। यह युवाओं की लोकप्रियता का प्रमाण है, लेकिन संसदीय गणित में लोकप्रियता अकेले काफी नहीं होती।

अब सबकी नजर VCK और अन्य छोटी पार्टियों पर है। क्या विजय उन अतिरिक्त दो वीधायकों को लेकर आएंगे? या क्या राज्यपाल किसी अन्य विकल्प पर विचार करेंगे? तमिलनाडु की राजनीति अब एक नाजुक मोड़ पर खड़ी है।

Frequently Asked Questions

वीजी को सरकार बनाने का निमंत्रण क्यों नहीं मिला?

वीजी के पास बहुमत के लिए आवश्यक 118 वीधायकों में से केवल 116 का समर्थन पत्र था। राज्यपाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि पूर्ण बहुमत के प्रमाण के बिना निमंत्रण संभव नहीं है।

TVK की वर्तमान संख्या क्या है?

TVK ने 108 सीटें जीतीं, लेकिन विजय के दो सीटों से जीतने के कारण उनकी प्रभावी संख्या 107 है। इसके अलावा कांग्रेस के 5 और वामपंथी दलों के 4 वीधायक शामिल हैं, जो कुल मिलाकर 116 बनाते हैं।

क्या VCK ने अपना निर्णय दिया है?

VCK ने अभी तक औपचारिक रूप से समर्थन देने या न देने का अंतिम निर्णय घोषित नहीं किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके दो वीधायकों के समर्थन पत्र आने की उम्मीद थी, लेकिन वे प्राप्त नहीं हुए।

AIADMK का रुख क्या है?

AIADMK ने TVK सरकार को समर्थन देने की किसी भी संभावना से साफ इनकार कर दिया है, जिससे विजय के लिए बहुमत जुटाना और भी कठिन हो गया है।

शपथ ग्रहण समारोह कब होगा?

शपथ ग्रहण की तिथि अभी तय नहीं हुई है क्योंकि विजय को अभी तक राज्यपाल से औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या वह शीघ्र ही 118 वीधायकों का समर्थन जुटा पाते हैं।